कंसल्टेंसी कंपनी डेलॉइट की ओर से आयोजित ऑनलाइन टेक्नोत्सव 3.0 प्रतियोगिता में ट्रिपलआईटी नवा रायपुर की टीम अल्फा इंटरफेस ओवर ऑल विनर रही है। विनिंग टीम को 3 लाख रुपए का केस प्राइज दिया जाएगा। टीम मेंबर सीएसई डिपार्टमेंट के विनायक भारती व विवेक कुमार सिंह और ईसीई डिपार्टमेंट के यश खरे को प्री प्लेसमेंट ऑफर भी दिया गया हैं। विनायक ने बताया कि प्रतियोगिता फरवरी-मार्च को शुरू हुई थी। इसमें देशभर के 20 हजार से ज्यादा पार्टिसिपेंट्स ने हिस्सा लिया था। पहले कैंपस राउंड में सभी स्टूडेंट्स इंडिविजुअल पार्टिसिपेंट किए थे। इसके बाद कैंपस विनर्स को तीन-तीन की टीम बनानी थी। अगले राउंड में आइडिया डेवलप करके भेजना था। तीसरे राउंड में ये बताना था कि आइडिया फिजिबल कैसे है और इसे कैसे इम्प्लीमेंट कर सकते हैं। अब केवल 400 टीमें रह गई थीं। चौथे राउंड में क्लाउड में प्रोटोटाइप बनाकर भेजना था। उसके बाद ग्रांड फिनाले के लिए 15 टीमें सलेक्ट हुईं। रायपुर की टीम ने ऑफ लाइन रिटेल बिजनेस में मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए आसान और माॅडिफाई का आइडिया देकर यह खिताब अपने नाम किया। उन्होंने बताया कि जैसे ऑनलाइन रिटेलर्स टेक्नोलॉजी के जरिए अपने कस्टमर को एंगेज करता है, वैसे ही ऑफलाइन में भी कर सकते है।

स्टूडेंट्स ने ऑफलाइन रिटेल बिजनेस को आसान बनाने के लिए दिए ये 6 आइडिया
पहला - बिलिंग करते समय एक-एक सामान को स्कैन करके बिल तैयार किया जाता है, लेकिन विजुअल्स के जरिए एक ऐसा सरफेस बना सकते हैं जहां सारा सामान रखते ही ऑटोमेटिक स्कैन होकर कुछ ही सेकंड में बिलिंग हो जाए।
दूसरा - अभी कस्टमर सामान लेता है और चला जाता है। उसका कोई भी डाटा नहीं हाेता है कि उसने क्या लिया, कब लिया। हम ऐसा सिस्टम बना सकते हैं जिसमें कस्टमर ने पहले क्या लिया था और कितने दिन पहले लिया था। उसकी आज क्या-क्या रिक्वायरमेंट हो सकती है ये शॉप में एंट्री करते ही सिस्टम चेहरा स्कैन करके बता दे। इसके जरिए रिटेलर्स आसानी से कस्टमर को सामान प्रोवाइड करा सकेंगे।
तीसरा - ऑफलाइन में स्टॉक मैनेजमेंट की दिक्कत होती है। मशीन लर्निंग से ऐसा सप्लाय चैन बना सकते हैं जिससे सिस्टम समय के अनुसार ये बताएगा कि अभी कौन से सामान की जरूरत है, किसकी डिमांड ज्यादा हो सकती है, किसकी डिमांड कम है, कस्टमर क्या पसंद कर रहे हैं आदि।
चौथा - शॉप में स्टॉक आने पर एक-एक सामान की मैनुफैक्चरिंग डेट, क्वांटिटी जैसी जानकारियां सिस्टम में एड करनी होती है, लेकिन विजुअल्स के जरिए एक फोटो से ही सामान की पूरी डिटेल एड कर सकेंगे।
पांचवां - नए ऑफलाइन रिटेल शॉप खोलने के बाद प्रमोशन की दिक्कत आती है। लेकिन सिस्टम में मौजूद कस्टमर की डेटा से उनके रिक्वायरमेंट के अनुसार ये बता सकते हैं कि उनके आस-पास नया स्टोर कौन-सा खुला है।
छठवां - स्टोर के सिस्टम में सभी कस्टमर का बही-खाता रहेगा। इसके अनुसार डेबिट और क्रेडिट देखकर कस्टमर को नोटिफिकेशन सेंड कर सकेंगे।



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प्रोटोटाइप का फ्रंट पेज।


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